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यूपी की 8 सहकारी चीनी मिलों को राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार, गडकरी ने किया सम्मानित

राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड की ओर से हर वर्ष सहकारी चीनी मिलों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय दक्षता पुरस्कार दिए जाते हैं। इनमें गन्ना विकास, तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन, चीनी रिकवरी और समग्र प्रदर्शन जैसे मानक शामिल हैं।

वर्ष 2024-25 के पुरस्कारों में बिजनौर की दि किसान सहकारी चीनी मिल, स्नेह रोड नजीबाबाद को समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी मिल का पुरस्कार मिला। लखीमपुर खीरी की सरजू सहकारी चीनी मिल को गन्ना विकास, अमरोहा की गजरौला मिल को चीनी परता सुधार और बागपत को-ऑपरेटिव शुगर मिल्स को वित्तीय प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया।

वर्ष 2025-26 के लिए भी उत्तर प्रदेश की चार सहकारी चीनी मिलों को पुरस्कार मिले। मुजफ्फरनगर की दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना को गन्ना विकास के लिए सम्मान मिला, जबकि बागपत की रमाला सहकारी चीनी मिल और आजमगढ़ की दि किसान सहकारी चीनी मिल, सठियांव को तकनीकी दक्षता के लिए पुरस्कृत किया गया। शाहजहांपुर की दि किसान सहकारी चीनी मिल, पुवायां को वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में सम्मान मिला।

मोरना चीनी मिल ने 2025-26 के पेराई सत्र में 10.78 प्रतिशत चीनी परता रिकवरी दर्ज की। राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में मिल के अधिकारियों को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रॉफी प्रदान की।

इन पुरस्कारों के जरिए सहकारी चीनी मिलों के गन्ना विकास, तकनीकी आधुनिकीकरण, उत्पादन क्षमता और वित्तीय प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। उत्तर प्रदेश की आठ मिलों को मिले राष्ट्रीय सम्मान से राज्य के सहकारी चीनी उद्योग से जुड़ी गतिविधियां भी चर्चा में आई हैं।

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