योगी बोले- चाहिए एक भारत-श्रेष्ठ भारत

लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष के तहत प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला आयोजित हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और शिक्षकों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज को बांटने के बजाय लोगों को एकजुट करने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों को सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक जागृत होकर ईमानदारी से अपने दायित्व का निर्वहन करें तो युवा पीढ़ी को सही दिशा दी जा सकती है। उन्होंने भारतीय शिक्षा और गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए ज्ञान एवं संस्कार आधारित शिक्षा पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए नागरिकों से अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने शिक्षकों से युवाओं में सामाजिक समता, भारतीय विरासत और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के टॉप-10 स्कूलों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह, डॉ. चिन्मय पंड्या समेत गायत्री परिवार से जुड़े प्रतिनिधि और प्रदेशभर से आए शिक्षक मौजूद रहे।




