लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़, घर छोड़ किराए पर रह रहे परिवार

लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है। कई मोहल्लों की गलियां और रास्ते पानी में डूबे हैं, जिसके कारण लोगों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
बाढ़ के पानी ने कई परिवारों को अपने ही घरों में कैद कर दिया है। जिन घरों में रहना मुश्किल हो गया, वहां रहने वाले लोग जरूरी सामान लेकर किराए के कमरों में शरण लेने को मजबूर हैं। कुछ परिवारों ने तीन से साढ़े तीन हजार रुपये तक में कमरे किराए पर लिए हैं।
फैजुल्लागंज के कई हिस्सों में पेयजल का संकट भी सामने आया है। कुछ घरों में नलों से बदबूदार पानी आने की शिकायत है, जबकि राहत के तौर पर बांटा जा रहा पीने का पानी हर प्रभावित परिवार तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने भोजन का संकट भी बढ़ रहा है। घरों में रखा राशन खत्म होने लगा है और पानी से घिरे इलाकों में दुकानें बंद होने के कारण लोगों के लिए जरूरी सामान खरीदना मुश्किल हो गया है।
कई परिवार नाव का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन प्रभावित इलाकों की तुलना में नावों की संख्या कम होने की शिकायत सामने आई है। कुछ लोग मजबूरी में पानी के बीच से निकलकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
फैजुल्लागंज के अलावा लखनऊ के दूसरे निचले इलाकों में भी गोमती का बढ़ा जलस्तर परेशानी का कारण बना हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, शहर में हाल की भारी बारिश के बजाय गोमती के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई अत्यधिक बारिश से नदी में पानी बढ़ने का असर लखनऊ तक पहुंचा है।
बाढ़ की वजह से बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और नगर निगम की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
फैजुल्लागंज के लोगों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत सुरक्षित आवागमन, पीने का साफ पानी, भोजन और जरूरी चिकित्सा सहायता की है। लगातार जलभराव के बीच प्रभावित परिवार राहत और पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं।



