यूपी में महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए चलेगा विशेष अभियान

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक समावेशी और सटीक बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश में महिला और पुरुष मतदाताओं के बीच अनुपात के अंतर को कम करने के लिए निर्वाचन आयोग विशेष अभियान चलाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन पात्र महिलाओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिनका नाम अब तक दर्ज नहीं हो पाया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR)-2027 की प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होगी। इसके लिए प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की पात्रता के लिए 1 जनवरी 2027 को आधार तिथि निर्धारित किया गया है।
घर-घर जाकर महिलाओं को किया जाएगा जागरूक
महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा। ये कार्यकर्ता अपने कार्यक्षेत्र में घर-घर जाकर ऐसी पात्र महिलाओं की पहचान करेंगी, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा महिला कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों की मदद से पात्र नागरिकों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र महिला मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए।
युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों पर भी फोकस
अभियान में 18 से 19 वर्ष की आयु के युवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों का सहयोग लिया जाएगा। संस्थानों में गठित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के माध्यम से युवाओं को मतदान के अधिकार और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा।
एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जैसे संगठनों को भी अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी में महिला मतदाताओं का अनुपात कितना है?
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में प्रति 1,000 पुरुष मतदाताओं पर 834 महिला मतदाता दर्ज हैं। अंतिम सूची में करीब 13.39 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 7.30 करोड़ पुरुष और 6.09 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं।
कब आएगी अंतिम मतदाता सूची?
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम है।
पात्र नागरिक ऐसे जुड़वा सकते हैं अपना नाम
मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए पात्र नागरिक निर्वाचन आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर फॉर्म-6 भर सकते हैं। इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप या अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।