लखनऊ का सबसे ऊंचा फ्लाईओवर दीपावली पर होगा शुरू

लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत बन रहा सबसे ऊंचा फ्लाईओवर दीपावली से पहले शुरू करने की तैयारी है। यह फ्लाईओवर डालीगंज रोटरी से पक्का पुल यानी हर्डिंग ब्रिज के बीच बनाया जा रहा है।
इस फ्लाईओवर की लंबाई करीब 1.1 किलोमीटर और ऊंचाई जमीन से लगभग 25 मीटर है। दो लेन वाले इस फ्लाईओवर का मुख्य स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और अब डामरीकरण तथा स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चल रहा है।
फ्लाईओवर शुरू होने के बाद डालीगंज से पक्का पुल तक आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक और तेज मार्ग मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार इस दूरी को करीब दो मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ पुराने लखनऊ के लोगों को मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक फ्लाईओवर से करीब 10 लाख की आबादी को यातायात में राहत मिलेगी और पक्का पुल से समतामूलक चौराहे की ओर सीधा आवागमन बेहतर होगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को परियोजना का निरीक्षण किया। यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए टीले वाली मस्जिद के पास इंटीग्रेटेड रोटरी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इंटीग्रेटेड रोटरी के तहत टीले वाली मस्जिद के पास नई रोटरी बनाने और मरी माता मंदिर के पास पहले से बनी रोटरी को री-मॉडल करने की योजना है। इससे फ्लाईओवर पर चढ़ने और उतरने वाले वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
फ्लाईओवर के निर्माण का उद्देश्य पुराने लखनऊ में यातायात व्यवस्था को बेहतर करना और प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करना है। दीपावली से पहले इसके शुरू होने पर त्योहार के दौरान बढ़ने वाले यातायात को भी इससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
आगे पक्का पुल के पास गोमती नदी पर नया पुल बनने के बाद मौजूदा पक्का पुल को पैदल यात्रियों के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव भी है। इससे क्षेत्र में वाहनों और पैदल यात्रियों के आवागमन को अलग-अलग व्यवस्थित करने की दिशा में मदद मिल सकती है।




