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सरदार पटेल जयंती पर CM योगी ने बांटे नौकरी और स्वरोजगार के चेक

राष्ट्रीय एकता दिवस और सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोक भवन सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नौकरी के ऑफर लेटर, ऋण स्वीकृति चेक और टूलकिट प्रदान की। मुख्यमंत्री के हाथों सहायता और सम्मान पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे।

युवाओं को मिला नौकरी का ऑफर लेटर

कार्यक्रम में लखीमपुर खीरी की नेहा यादव और हरदोई की आकांक्षा तिवारी को हरियाणा की कंपनी में नौकरी के ऑफर लेटर मिले। दोनों ने CIPET लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त किया था। वहीं सीतापुर के विनय कुमार वर्मा ने बताया कि चार महीने का निशुल्क कोर्स करने के बाद उन्हें नौकरी का अवसर मिला है।

लाभार्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों ऑफर लेटर मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार की पहल की सराहना की।

कारोबार बढ़ाने के लिए मिला लाखों रुपये का ऋण

कार्यक्रम में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी सहायता दी गई। सुल्तानपुर के अजीत साहू को एमएसएमई योजना के तहत राइस मिल निर्माण कारोबार के लिए 20 लाख रुपये का चेक मिला। वहीं लखनऊ के अमन अग्रवाल को एल्युमिनियम के बर्तन बनाने के कारोबार के लिए पांच लाख रुपये की सहायता दी गई।

लाभार्थियों ने बताया कि आर्थिक मदद से उन्हें अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कारोबार को आगे ले जाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आवेदन और सहायता वितरण की प्रक्रिया को भी पारदर्शी बताया।

महिलाओं और कारीगरों को भी मिली मदद

कार्यक्रम में महिलाओं और पारंपरिक कामगारों को भी स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया गया। बाराबंकी की संगीता को सिलाई मशीन की टूलकिट दी गई। उन्होंने बताया कि वह पहले से कुछ महिलाओं को काम दे रही हैं और नई मशीन मिलने से अपना काम बढ़ा सकेंगी।

रायबरेली के दिलीप कुमार को फर्नीचर उद्योग के लिए टूलकिट मिली। वहीं लखनऊ की अंजली गुप्ता को बूटिंग के काम के लिए पांच लाख रुपये का चेक दिया गया। इन लाभार्थियों ने कहा कि सहायता से उनके काम को विस्तार देने और अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

1,725 करोड़ की कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार योजना शुरू

इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,725 करोड़ रुपये की सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया। पहले चरण में लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्ध नगर में कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर युवाओं का पंजीकरण, उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार प्रशिक्षण तथा रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में बनेंगे रोजगार केंद्र

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस योजना का विस्तार उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों तक किया जाएगा। इसके तहत 18 मंडलीय मुख्यालयों में भी केंद्र स्थापित करने के लिए धनराशि निर्धारित की गई है। इन केंद्रों पर उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण दिया जाएगा और नौकरी तलाश रहे लोगों को कंपनियों, संस्थानों तथा अन्य कार्यस्थलों में प्लेसमेंट दिलाने का प्रयास होगा।

विदेश में नौकरी करने के इच्छुक अभ्यर्थियों को संबंधित देश की भाषा और जरूरी कौशल का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार ने कौशल विकास कार्यक्रमों में उद्योगों की विशेषज्ञता और तकनीक का लाभ युवाओं तक पहुंचाने के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ समझौते किए हैं।

रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर

सरदार पटेल जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को नौकरी और उद्यमियों को अपना कारोबार शुरू करने या बढ़ाने के लिए सहायता देने पर केंद्रित रहा। नौकरी के ऑफर लेटर, ऋण सहायता और टूलकिट वितरण के साथ नई कौशल प्रशिक्षण योजना के जरिए सरकार ने रोजगार के अवसरों को प्रशिक्षण से जोड़ने की पहल की है।

नोट: कार्यक्रम में वितरित सहायता और लाभार्थियों के अनुभवों की जानकारी उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के आधार पर दी गई है। योजना के तहत आवेदन, पात्रता और लाभ की शर्तों के लिए संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।

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