UP Skill Mission: ट्रेनिंग सेंटरों के 500 मीटर दायरे में लगेगी बायोमेट्रिक हाजिरी

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत संचालित प्रशिक्षण केंद्रों में पढ़ाई और प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं के लिए उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब प्रशिक्षणार्थी अपने ट्रेनिंग सेंटर से 500 मीटर के दायरे में रहकर बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करा सकेंगे। इस फैसले से उन युवाओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पहले निर्धारित स्थान पर पहुंचकर उपस्थिति दर्ज कराने में परेशानी होती थी।
कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को विभिन्न ट्रेड और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी और व्यावहारिक कौशल से लैस करना है, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। प्रशिक्षण प्रक्रिया में नियमित उपस्थिति का विशेष महत्व होता है।
नई व्यवस्था के तहत बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के लिए ट्रेनिंग सेंटर के आसपास 500 मीटर का दायरा निर्धारित किया गया है। इससे प्रशिक्षणार्थियों को हाजिरी लगाने के लिए केंद्र के बिल्कुल निर्धारित स्थान पर मौजूद रहने की बाध्यता में राहत मिलेगी। हालांकि, उपस्थिति दर्ज करने के लिए निर्धारित नियमों और तकनीकी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
बायोमेट्रिक हाजिरी का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से प्रशिक्षण केंद्रों में नियमित रूप से चलने वाली कक्षाओं और प्रशिक्षण गतिविधियों की निगरानी करना भी आसान होता है। डिजिटल व्यवस्था से उपस्थिति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और उसकी जांच करने में भी सुविधा मिलती है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उनकी रुचि और रोजगार की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें तकनीकी शिक्षा, विभिन्न व्यावसायिक कौशल और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल होते हैं। नियमित प्रशिक्षण से युवाओं की रोजगार पाने की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है।
नई बायोमेट्रिक व्यवस्था से प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ ट्रेनिंग सेंटर संचालकों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी।




