उत्तर प्रदेश

कानपुर RTO में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, छापेमारी के बाद दो लिपिक निलंबित

कानपुर आरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। छापेमारी के बाद विभाग ने दो लिपिकों को निलंबित कर दिया, जिसके बाद कार्यालय में कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया।

बताया गया कि आरटीओ कार्यालय में काम कराने के नाम पर कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों की निगरानी में जांच और छापेमारी की कार्रवाई की गई।

 छापेमारी के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दो लिपिकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित अनियमितताओं में उनकी भूमिका किस स्तर तक थी।

आरटीओ कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, फिटनेस और अन्य परिवहन संबंधी सेवाओं से जुड़े काम होते हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार या अवैध वसूली की शिकायतें सामने आने पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है।

दो कर्मचारियों के निलंबन के बाद अब जांच का दायरा आगे बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों की ओर से रिकॉर्ड और कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है, ताकि मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

 विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य कार्यालय में पारदर्शिता बढ़ाना और सरकारी सेवाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाना है। निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।

कानपुर आरटीओ में हुई इस कार्रवाई से साफ है कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों को लेकर परिवहन विभाग सख्ती बरत रहा है। छापेमारी के बाद दो लिपिकों का निलंबन मामले में शुरुआती बड़ी कार्रवाई है और आगे की जांच पर सभी की नजर रहेगी।

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