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कानपुर GGIC में वित्तीय गड़बड़ी, प्रिंसिपल पर निलंबन की तलवार

कानपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच में बिना काम कराए बिल लगाए जाने से जुड़ी अनियमितताओं की बात सामने आई है।

 रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज में करीब 10.50 लाख रुपये के बजट से संबंधित कामों में वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। कुछ ऐसे कार्यों के भी बिल लगाए जाने का आरोप है, जिन्हें वास्तव में कराया ही नहीं गया था।

मामले की जांच के बाद कॉलेज की प्रिंसिपल की भूमिका को गंभीर माना गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी को भी मामले में दोषी पाया गया है। इसके बाद विभागीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

बिना काम के बिल लगाना सरकारी धन के इस्तेमाल और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला माना जाता है। ऐसे मामलों में जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

GGIC में सामने आई अनियमितताओं ने सरकारी स्कूलों में बजट के इस्तेमाल और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। शिक्षा विभाग की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वित्तीय नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर और कैसे हुआ।

 प्रिंसिपल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जबकि वित्त एवं लेखाधिकारी की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

कानपुर GGIC का यह मामला सरकारी शिक्षण संस्थानों में वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही की जरूरत को सामने लाता है। बजट से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और दस्तावेजों की सही जांच से इस तरह की अनियमितताओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

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