यूपी में भारत टैक्सी का विस्तार, जीरो कमीशन और ₹5 लाख सुरक्षा
भारत टैक्सी को प्रदेश में परिवहन सेवा के साथ सहकारी मॉडल से जोड़ने की पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें टैक्सी, दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक जीरो कमीशन मॉडल के तहत जुड़ सकते हैं। मॉडल में चालकों को कारोबार में हिस्सेदारी देने की अवधारणा भी रखी गई है।
भारत टैक्सी का विस्तार केवल शहरों तक सीमित रखने की योजना नहीं है। प्रदेश के सभी 75 जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक इसे पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। गांवों में अस्पताल, बाजार, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और जिला मुख्यालय तक आवागमन के लिए इस मॉडल का इस्तेमाल करने की योजना है।
उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत 23 सितंबर 2026 को की गई। शुरुआती संचालन लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू हुआ है। चालकों को पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा देने के साथ संबंधित संस्थानों के साथ परिवहन सेवा को बेहतर बनाने के लिए समझौते भी किए गए हैं।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में इसी तर्ज पर बस सेवा विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार सहकारी परिवहन मॉडल को गांवों तक पहुंचाने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आवागमन के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।



