उत्तर प्रदेश

अयोध्या दीपोत्सव पर बोले सीएम योगी, सांस्कृतिक विरासत को मिला जन-जन का उत्सव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 3 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जाति की जड़ता समाज को बांटती है, जबकि साझा आस्था और संस्कृति लोगों को एक सूत्र में पिरोने का काम करती हैं।

2017 में हुई थी दीपोत्सव की शुरुआत

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत कर सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में बदलने की दिशा में कदम उठाया। उन्होंने अपने बयान में 2017 से पहले की सरकारों पर सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने वाली शक्ति की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया।

संतों से लेकर कुम्हारों और व्यापारियों तक की भागीदारी

मुख्यमंत्री के अनुसार, दीपोत्सव में धर्माचार्य, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पहचान जाति से नहीं, बल्कि सहभागिता से होती है।

दीपों की रोशनी देती है एकता का संदेश

योगी आदित्यनाथ ने दीपों का उदाहरण देते हुए कहा कि दीप अलग-अलग हाथों से जलाए जाते हैं, लेकिन उनका प्रकाश पूरे समाज को एक करता है। उनके संदेश के मुताबिक, दीपोत्सव का मूल उद्देश्य साझा संस्कृति, सामाजिक सहभागिता और समरस समाज की भावना को आगे बढ़ाना है।

7 नवंबर को होगा दीपोत्सव

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन 7 नवंबर को प्रस्तावित है। आयोजन से पहले राम की पैड़ी और सरयू नदी के आसपास सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट समेत तैयारियां की जा रही हैं।

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