धनतेरस से पहले चांदी के दाम में गिरावट, एक महीने में ₹40 हजार तक सस्ती हुई

धनतेरस से ठीक पहले चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने खरीदारों का ध्यान सराफा बाजार की ओर खींचा है। लखनऊ में चांदी के भाव पिछले कुछ दिनों से दबाव में बताए जा रहे हैं। दैनिक जागरण की 4 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चांदी की कीमत एक महीने में करीब 40 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक कम हुई है। त्योहार के मौके पर चांदी के सिक्के, बर्तन और आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह अहम बदलाव है।
एक महीने में 2.32 लाख से 1.91 लाख रुपये तक पहुंचे भाव
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब एक महीने पहले चांदी का भाव लगभग 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था। वहीं धनतेरस से दो दिन पहले यह घटकर करीब 1.91 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गया। 4 नवंबर को कारोबार के दौरान भाव 1.81 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, बाजार में कीमतों में तेजी से बदलाव हो रहा है, इसलिए खरीदारी से पहले उसी दिन का स्थानीय भाव जरूर पता करना चाहिए।
पिछले वर्षों की तुलना में कितना बदला चांदी का भाव?
दैनिक जागरण की रिपोर्ट में दीपावली के आसपास पिछले पांच वर्षों के चांदी के भाव की तुलना भी दी गई है। इसके मुताबिक, वर्ष 2021 में चांदी करीब 65,500 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वर्ष 2022 में इसका भाव लगभग 60 हजार रुपये, 2023 में 76 हजार रुपये और 2024 में 98 हजार रुपये प्रति किलोग्राम रहा। वर्ष 2025 में 15 अक्टूबर को चांदी का भाव करीब 1.95 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था।
क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?
सराफा कारोबारियों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। इनमें वैश्विक बाजार के समीकरण, निवेशकों की मुनाफावसूली और कीमती धातुओं की मांग में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा उद्योगों में भी होता है, इसलिए इसकी कीमत पर औद्योगिक मांग का असर पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी कीमती धातुओं के कारोबार को प्रभावित कर रही है।
धनतेरस पर चांदी के सिक्कों और उपहारों की मांग
धनतेरस पर चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इसी वजह से इस अवसर पर चांदी के सिक्कों, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, बर्तनों और अन्य उपहारों की मांग बढ़ जाती है। लखनऊ के सराफा बाजार में भी ग्राहक अपने बजट के अनुसार खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं। कीमतों में गिरावट के चलते कुछ खरीदारों को खरीदारी का बेहतर मौका दिखाई दे रहा है।
क्या अभी चांदी खरीदना फायदेमंद रहेगा?
सराफा कारोबारियों का कहना है कि सोने और चांदी में निवेश को लंबी अवधि के नजरिये से देखना चाहिए। कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कुछ निवेशक एकमुश्त खरीदारी के बजाय अपने बजट के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में चांदी खरीद रहे हैं। हालांकि, केवल हालिया गिरावट के आधार पर भविष्य में मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती।
चांदी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
धनतेरस पर चांदी खरीदने से पहले उसकी शुद्धता, हॉलमार्क या उपलब्ध प्रमाणन, वजन और बिल की जांच करना जरूरी है। चांदी के आभूषणों और बर्तनों की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी जुड़ सकते हैं। इसलिए अलग-अलग दुकानों पर भाव और अतिरिक्त शुल्क की तुलना करके ही खरीदारी करें।
नोट: चांदी के भाव दिन में कई बार बदल सकते हैं। अलग-अलग वेबसाइटों और बाजारों में बताए गए रेट में अंतर संभव है। ऊपर दिए गए आंकड़े संबंधित खबर में प्रकाशित भावों पर आधारित हैं।