
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए समाचार और गैर-समाचार टीवी चैनलों की रेटिंग जारी करने पर रोक लगा दी है। इस कदम को मीडिया रेटिंग सिस्टम में पारदर्शिता और सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
इस निर्णय का सीधा असर टेलीविजन इंडस्ट्री पर पड़ सकता है, क्योंकि चैनलों की लोकप्रियता और विज्ञापन राजस्व काफी हद तक उनकी रेटिंग पर निर्भर करता है। अब रेटिंग प्रणाली में अस्थायी बदलाव या नए दिशा-निर्देश आने तक यह प्रक्रिया स्थगित रहेगी।
मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से प्रसारण उद्योग में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि इससे चैनलों की प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन बाजार पर अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है, जिससे इंडस्ट्री में नई बहस शुरू हो गई है।




