पीरियड्स में चॉकलेट की क्रेविंग क्यों होती है? जानें वजह

पीरियड्स शुरू होने से पहले या शुरुआती दिनों में अचानक चॉकलेट खाने की तेज इच्छा होना कई महिलाओं के लिए जाना-पहचाना अनुभव है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं और भूख, मूड तथा ऊर्जा की जरूरत में भी बदलाव महसूस हो सकता है। यही वजह है कि मीठी और ज्यादा कैलोरी वाली चीजें सामान्य दिनों की तुलना में अधिक आकर्षक लग सकती हैं।
पीरियड्स के आसपास एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे सेक्स हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है। इसके साथ ही भूख और ऊर्जा से जुड़े संकेतों में भी बदलाव हो सकते हैं। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, इन बदलावों के कारण शरीर को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत महसूस हो सकती है और मीठे खाद्य पदार्थों की इच्छा बढ़ सकती है।
चॉकलेट खास तौर पर इसलिए आकर्षित कर सकती है क्योंकि इसमें शुगर और कार्बोहाइड्रेट के साथ कुछ ऐसे यौगिक भी होते हैं जो स्वाद, ऊर्जा और मूड से जुड़ी अनुभूति को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि पीरियड्स में चॉकलेट की क्रेविंग केवल हार्मोन की वजह से होती है। शोध में इस संबंध को लेकर मिश्रित निष्कर्ष मिले हैं।
कुछ शोध यह भी बताते हैं कि चॉकलेट की क्रेविंग पर तनाव, खाने की आदतें और सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव असर डाल सकते हैं। अलग-अलग देशों और संस्कृतियों में पीरियड्स के दौरान चॉकलेट की क्रेविंग की रिपोर्ट अलग पाई गई है, जिससे संकेत मिलता है कि इसका कारण सिर्फ शरीर में होने वाले बदलाव नहीं हैं।
इसलिए पीरियड्स के दौरान कभी-कभार चॉकलेट खाने की इच्छा होना सामान्य हो सकता है। संतुलित डाइट के साथ पसंदीदा चीज को सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। अगर क्रेविंग बहुत ज्यादा हो, खाने के पैटर्न को प्रभावित करे या अन्य गंभीर लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है।



