कौन हैं IPS राजेश पाण्डेय? लखनऊ के हनुमान मंदिर से खास नाता

पूर्व IPS अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय का नाम एक बार फिर चर्चा में आया, जब अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए उनके नाम पर विचार किया गया। वह उत्तर प्रदेश पुलिस में लंबे समय तक सेवा दे चुके हैं और अपराध नियंत्रण के लिए चर्चित रहे हैं।
राजेश पाण्डेय को उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार अधिकारियों में गिना जाता रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में काम किया। उनके कार्यकाल के दौरान कई चर्चित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी राजेश पाण्डेय सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे। उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बनी, जिन्होंने कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपनाया।
लखनऊ से भी राजेश पाण्डेय का खास जुड़ाव बताया जाता है। वह शहर के एक प्रमुख हनुमान मंदिर से जुड़े हुए हैं और वहां महासचिव की जिम्मेदारी संभालते हैं। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से उनका यह जुड़ाव उनकी सार्वजनिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद की चयन प्रक्रिया में राजेश पाण्डेय का नाम प्रमुख दावेदारों में सामने आया था। रिपोर्टों के अनुसार CEO पद के लिए उनका इंटरव्यू भी हुआ था और चयन प्रक्रिया में उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया गया।
हालांकि अब ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला CEO नियुक्त कर दिया है। इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
राजेश पाण्डेय की कहानी पुलिस सेवा, अपराध नियंत्रण और सामाजिक-धार्मिक जुड़ाव का अनोखा मेल है। इसी वजह से राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद की दौड़ में उनका नाम सामने आने के बाद उनकी प्रोफाइल को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई।




