यूपी की दिव्यांग छात्राओं को मिलेंगी 8060 ई-ट्राइसाइकिल

उत्तर प्रदेश की दिव्यांग छात्राओं के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। मिशन सशक्तिकरण के तहत पात्र छात्राओं को निशुल्क बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य छात्राओं के लिए स्कूल, कॉलेज और प्रशिक्षण संस्थानों तक आवागमन आसान बनाना है।
योजना के तहत प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20 पात्र दिव्यांग छात्राओं का चयन किया जाएगा। इस तरह प्रदेशभर में कुल 8060 ई-ट्राइसाइकिल वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना का लाभ 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली अध्ययनरत छात्राओं को मिल सकेगा। छात्रा की उम्र कम से कम 16 वर्ष होनी चाहिए और वह मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय या प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ाई या प्रशिक्षण ले रही हो।
पात्र छात्राओं को अधिकतम 65 हजार रुपये तक की बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे घर से शिक्षण संस्थान तक आने-जाने में होने वाली परेशानियां कम होंगी और छात्राएं अपनी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रख सकेंगी।
योजना का लाभ लेने के लिए दिव्यांगता प्रमाण-पत्र या यूडीआईडी कार्ड समेत आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। जिला स्तर पर पात्र छात्राओं का चिन्हांकन और सत्यापन होने के बाद ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार की इस पहल से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाली दिव्यांग छात्राओं को भी विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। परिवहन की समस्या के कारण पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को दूर करने में ई-ट्राइसाइकिल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यह योजना दिव्यांग छात्राओं को केवल आवागमन की सुविधा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में भी अहम कदम है। सरकार का प्रयास है कि पात्र छात्राओं को समान अवसर मिलें और वे बिना परिवहन संबंधी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।




