यूपी में नारी शक्ति की नई पहल, छात्राओं ने कहा- अब नेतृत्व का समय

उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण को लेकर नई सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ में विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि महिलाओं को केवल सम्मान देने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और नेतृत्व करने के समान अवसर भी मिलने चाहिए। छात्राओं ने महिला राजनीतिक भागीदारी को लेकर अपने विचार साझा किए।
संगोष्ठी के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 और महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक समावेशी बनेगी।
दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें करीब 75 छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने महिला सशक्तीकरण, राजनीति में महिलाओं की भूमिका और संवैधानिक अधिकारों जैसे विषयों पर अपनी प्रतिभा दिखाई।
कार्यक्रम में छात्राओं को शिक्षा के साथ जिम्मेदार नागरिकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी समय की जरूरत है।
लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं के बीच नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक जागरूकता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका संदेश साफ रहा कि महिला सशक्तीकरण का अगला चरण केवल सम्मान नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय नेतृत्व और बराबर भागीदारी है।




