यूपी में कॉलेज-अस्पतालों की खाली जमीन पर बनेंगे स्थाई हेलीपैड

उत्तर प्रदेश में जिला, तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के आसपास स्थाई हेलीपैड विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाया गया है। भूमि की उपलब्धता में आ रही दिक्कतों को देखते हुए इंटर व डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, सरकारी अस्पतालों और अन्य सरकारी संस्थानों की खाली जमीन का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारियों को संबंधित संस्थानों के अधिकारियों और प्रबंधन से बातचीत कर जमीन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जहां भूमि उपलब्ध होगी, वहां पीडब्ल्यूडी द्वारा स्थाई हेलीपैड का निर्माण कराया जाएगा।
चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 736 नए हेलीपैड बनाने और 17 पुराने हेलीपैड की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 118 हेलीपैड के लिए भूमि उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। सभी प्रस्तावित हेलीपैड बनने के बाद औसतन हर 20 किलोमीटर पर हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
स्थाई हेलीपैड का इस्तेमाल वीवीआईपी आवागमन के साथ-साथ आपदा राहत और बचाव कार्यों में भी किया जा सकेगा। निर्धारित मानकों के अनुसार प्रत्येक हेलीपैड के लिए करीब 100 मीटर लंबी और 100 मीटर चौड़ी जमीन की आवश्यकता होगी।




