
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा से जुड़े मामले में दाखिल उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का जरिया बताया।
याचिकाकर्ता की ओर से पूर्व जज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले के तथ्यों और याचिका की प्रकृति को देखते हुए इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का इस्तेमाल केवल उचित कानूनी आधार पर ही किया जाना चाहिए। बिना पर्याप्त आधार के दायर की गई याचिकाएं न्याय व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव डाल सकती हैं।
पूर्व जज यशवंत वर्मा से जुड़ा मामला पहले भी चर्चा में रहा है। इस मामले को लेकर न्यायपालिका की आंतरिक प्रक्रिया और जांच व्यवस्था पर भी बहस हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एफआईआर की मांग वाली याचिका पर विराम लग गया है। अदालत का आदेश न्यायिक प्रक्रिया में याचिकाओं की गंभीरता और उचित आधार के महत्व को भी रेखांकित करता है।




