
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे गुट से अलग हुए सांसदों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और वह उनके साथ हैं।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हुई इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। बागी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
बैठक के दौरान सांसदों ने अपनी स्थिति और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर चर्चा की। पीएम मोदी ने उन्हें आगे की रणनीति और संगठनात्मक सहयोग को लेकर आश्वस्त किया।
महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की राजनीति में पिछले कुछ समय से लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विभिन्न दलों के भीतर चल रही खींचतान और राजनीतिक समीकरणों के बीच नेताओं की मुलाकातें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
इस मुलाकात को विपक्षी दलों के लिए एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में इन घटनाक्रमों का असर संबंधित राज्यों की राजनीति और संसद की गतिविधियों पर किस तरह पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।



