
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में महिला आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील करते हुए कहा कि यदि वे इसका राजनीतिक क्रेडिट लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं, लेकिन महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के प्रयास में सहयोग करना जरूरी है।
पीएम मोदी ने महिला सशक्तीकरण को देश के विकास से जोड़ते हुए राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं की अधिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व के अधिक अवसर देने से लोकतंत्र और मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री की इस अपील का केंद्र महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने पर रहा। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के मुद्दे पर साथ मिलकर काम किया जाए।
महिला आरक्षण लंबे समय से भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के मंच से प्रधानमंत्री का यह संदेश आने वाले समय में महिला प्रतिनिधित्व और राजनीतिक भागीदारी को लेकर चर्चा को और तेज कर सकता है।




