विदेश

किसान ने खेत में लगाई 499 फीट की विंड टरबाइन, खेती से ज्यादा कमाई

अमेरिका के इलिनॉय राज्य के एक किसान ने अपनी खेती की जमीन से अतिरिक्त कमाई का ऐसा रास्ता चुना, जिसने उसकी आमदनी का मॉडल ही बदल दिया। 1,100 एकड़ के फार्म पर खेती करने वाले क्लेटन रोजेनबर्गर ने अपनी जमीन के एक छोटे हिस्से पर करीब 499 फीट ऊंची विंड टरबाइन लगाने के लिए कंपनी को लीज दी। खास बात यह है कि टरबाइन से मिलने वाला भुगतान उस हिस्से में फसल उगाकर होने वाली कमाई से ज्यादा रहा।

पहले टरबाइन लगाने के पक्ष में नहीं थे किसान

रिपोर्ट के मुताबिक जब विंड कंपनी ने रोजेनबर्गर के खेत पर टरबाइन लगाने का प्रस्ताव दिया, तो शुरुआत में वह और उनकी पत्नी इसके लिए तैयार नहीं थे। उन्हें टरबाइन की ऊंचाई, आवाज और खेत में होने वाले संभावित बदलाव को लेकर चिंता थी। लेकिन आर्थिक फायदे का आकलन करने के बाद उन्होंने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।

1100 एकड़ में सिर्फ 0.1 फीसदी जमीन का इस्तेमाल

इस फैसले की सबसे खास बात जमीन का बेहद कम हिस्सा इस्तेमाल होना है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार करीब 499 फीट ऊंची टरबाइन के लिए 1,100 एकड़ के फार्म का केवल लगभग 0.1 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ। यानी किसान ने अपनी अधिकांश जमीन पर पहले की तरह खेती जारी रखी, जबकि टरबाइन वाली जमीन से अलग आय मिलने लगी।

फसल से ज्यादा मिला लीज का पैसा

किसान के लिए सबसे बड़ा आर्थिक फायदा यह रहा कि टरबाइन के लिए मिलने वाला लीज भुगतान उस छोटे हिस्से में फसल उगाने से होने वाली संभावित कमाई से ज्यादा था। इस तरह जमीन का एक हिस्सा पवन ऊर्जा उत्पादन के लिए इस्तेमाल हुआ और बाकी खेत में खेती जारी रही। इससे किसान को आय का एक अतिरिक्त और अपेक्षाकृत स्थिर स्रोत मिला।

खेती भी जारी, कमाई भी दो तरफ से

विंड टरबाइन लगने का मतलब यह नहीं था कि किसान ने खेती छोड़ दी। टरबाइन के आसपास उपलब्ध जमीन पर सामान्य कृषि गतिविधियां जारी रखी जा सकती हैं। इस तरह एक ही फार्म से फसल और पवन ऊर्जा परियोजना, दोनों से आर्थिक लाभ लेने का मॉडल सामने आया।

किसानों के लिए बन सकता है अतिरिक्त आय का जरिया

अमेरिका में कुछ किसान अपनी जमीन पर विंड एनर्जी परियोजनाओं के लिए लीज समझौते करते हैं। इससे उन्हें फसल की कीमत, मौसम या पैदावार में उतार-चढ़ाव के अलावा एक अलग आय का स्रोत मिल सकता है। हालांकि हर जमीन पर टरबाइन लगाना संभव नहीं होता और इसके लिए स्थानीय नियम, जमीन की स्थिति, हवा की उपलब्धता तथा कंपनी के साथ लीज की शर्तें महत्वपूर्ण होती हैं।

पवन ऊर्जा और खेती का अनोखा मेल

क्लेटन रोजेनबर्गर की कहानी दिखाती है कि कृषि भूमि का इस्तेमाल केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है। सही परिस्थितियों में किसान खेती के साथ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से भी आय हासिल कर सकते हैं। हालांकि टरबाइन लगाने का फैसला करने से पहले किसानों को लीज अवधि, भुगतान, जमीन के इस्तेमाल, फसल पर प्रभाव और भविष्य की जिम्मेदारियों जैसी सभी शर्तों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

यह मॉडल हर किसान के लिए समान रूप से फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है। फिर भी इलिनॉय के इस किसान का अनुभव बताता है कि खेती के साथ वैकल्पिक आय के स्रोत जोड़कर कृषि व्यवसाय को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने की संभावनाएं मौजूद हैं।

Related Articles

Back to top button