यूपी में AI और डेटा से बेहतर होगा विकास का ढांचा, स्वास्थ्य-शिक्षा पर जोर

उत्तर प्रदेश में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने के लिए सरकार स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में डेटा, तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की संभावनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों के अनुसार डेटा और तकनीक के बेहतर उपयोग से सरकारी योजनाओं के परिणामों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में माताओं और बच्चों की स्थिति सुधारने तथा आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने और सीखने के बेहतर परिणाम हासिल करने से जुड़े विषयों पर मंथन हुआ।
कार्यशाला में कौशल विकास को शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। आधुनिक तकनीकों के अनुरूप युवाओं को डिजिटल कौशल से लैस करने और रोजगार के बदलते अवसरों के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया। चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में कौशल, रोजगार और करियर में हो रहे बदलावों को भी चर्चा में शामिल किया गया।
सरकार की योजना में डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और तकनीकी नवाचार के माध्यम से सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाना प्रमुख बिंदु है। स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को सतत विकास का आधार मानते हुए इन क्षेत्रों में उपलब्ध आंकड़ों के बेहतर इस्तेमाल से जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी और परिणामों में सुधार की दिशा में काम किया जा रहा है।




