लखनऊ में भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस ने उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के मैनेजर सुभाष चंद्र के आशियाना स्थित आवास और कृष्णानगर स्थित निजी आइटीआइ पर जांच की। टीम को पांच भूखंडों, मकान और संस्थान से जुड़ी संपत्तियों के दस्तावेज मिले। विजिलेंस के अनुसार अचल संपत्तियों का मूल्य करीब ₹3.40 करोड़ और वाहनों, हथियारों, आभूषणों व अन्य निवेश सहित चल संपत्ति का मूल्य करीब ₹1 करोड़ है। जांच में आय से 149.67 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने का मामला सामने आने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान बैंक मैनेजर सुभाष चंद्र की संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, जांच का मुख्य आधार उनकी ज्ञात आय और सामने आई संपत्तियों के बीच अंतर है।
जांच में लखनऊ के अलग-अलग स्थानों पर जमीन, मकान और अन्य अचल संपत्तियों से संबंधित जानकारी सामने आई। इसके अलावा वाहनों, आभूषणों, हथियारों और निवेश से जुड़ी संपत्तियों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
विजिलेंस टीम द्वारा बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है। संपत्तियों की वास्तविक कीमत, खरीद के स्रोत और आय के साधनों से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की जांच आगे बढ़ने के साथ बैंक मैनेजर की संपत्तियों और कथित आय से अधिक संपत्ति से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।