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Lohia Institute Lucknow: नई 45 बेड की अत्याधुनिक इमरजेंसी तैयार

लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों को बेहतर और त्वरित आपातकालीन उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी सुविधा तैयार हो गई है। संस्थान में 45 बेड की नई अत्याधुनिक इमरजेंसी बनाई गई है। स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके शुभारंभ करेंगे।

नई इमरजेंसी की सबसे बड़ी खासियत इसमें मौजूद 15 वेंटिलेटर युक्त बेड हैं। इससे सांस लेने में गंभीर परेशानी, मल्टीऑर्गन फेल्योर, दुर्घटना, गंभीर संक्रमण और अन्य आपात स्थितियों से जूझ रहे मरीजों को तत्काल जरूरी उपचार और वेंटिलेटर सपोर्ट उपलब्ध कराया जा सकेगा।

इमरजेंसी में बढ़ेगी कुल बेड क्षमता: वर्तमान में संस्थान की इमरजेंसी में 60 बेड हैं, जबकि 30 बेड का होल्डिंग एरिया भी मौजूद है। नई 45 बेड की यूनिट शुरू होने के बाद इमरजेंसी की कुल क्षमता बढ़कर 105 बेड हो जाएगी। इससे गंभीर मरीजों के लिए तत्काल उपचार की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

लोहिया संस्थान में मरीजों का दबाव काफी अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार इमरजेंसी और होल्डिंग एरिया में कुल 90 बेड होने के बावजूद यहां प्रतिदिन इससे कई गुना अधिक मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को कई बार केजीएमयू या एसजीपीजीआइ रेफर करना पड़ता है। नई यूनिट शुरू होने से इस दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गंभीर मरीजों के लिए गोल्डन ऑवर में इलाज: नई इमरजेंसी में मरीजों की गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी। गंभीर मामलों में तत्काल जांच और उपचार शुरू करने की व्यवस्था होगी। जरूरत के अनुसार संबंधित विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता भी ली जा सकेगी, जिससे आपात स्थिति में उपचार की प्रक्रिया को तेज किया जा सके।

इस नई सुविधा के निर्माण पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और वेंटिलेटर बेड की उपलब्धता से गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता बढ़ेगी। इससे संस्थान में आने वाले मरीजों को एक ही परिसर में अधिक व्यापक आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

कुल मिलाकर, लोहिया संस्थान की नई 45 बेड वाली इमरजेंसी लखनऊ की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण विस्तार है। 15 वेंटिलेटर बेड और बढ़ी हुई कुल क्षमता के चलते गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने की संभावना बढ़ेगी और इमरजेंसी सेवाओं पर मौजूदा दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

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