उत्तर प्रदेश

CM Yogi से मिली बलिया की दिव्यांग रागिनी, इलाज-पढ़ाई की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया की सात वर्षीय दिव्यांग बच्ची रागिनी से मुलाकात की। रागिनी की संघर्ष की कहानी और स्कूल जाते हुए उसका वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया था। मुख्यमंत्री ने बच्ची का हौसला बढ़ाते हुए उसके इलाज और पढ़ाई में हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

रागिनी बलिया के रानीपुर गांव की रहने वाली है। वह अपने स्कूल तक पहुंचने के लिए शारीरिक परेशानी के बावजूद काफी दूरी तय करती थी। मीडिया में उसकी स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और बच्ची को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक रागिनी के पैर से जुड़ी समस्या पुरानी है। बचपन में हुए हादसे के बाद उसका पैर गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण समय पर पर्याप्त इलाज नहीं हो सका। इसके बावजूद रागिनी ने पढ़ाई जारी रखी और स्कूल जाने का जज्बा बनाए रखा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान रागिनी को यह भरोसा दिया गया कि उसके इलाज में आर्थिक परेशानी बाधा नहीं बनेगी। सरकार की ओर से उसके बेहतर उपचार की व्यवस्था कराने की बात कही गई है। इससे रागिनी और उसके परिवार को आगे की चिकित्सा प्रक्रिया को लेकर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

रागिनी की शिक्षा को लेकर भी सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। रागिनी की कहानी ने यह भी दिखाया है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा हासिल करने का संकल्प किस तरह प्रेरणा बन सकता है।

मामला सामने आने के बाद बलिया जिला प्रशासन की ओर से भी रागिनी और उसके परिवार की मदद की गई। उसे ट्राइसाइकिल सहित अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन ने परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और बच्ची की जरूरतों के अनुसार सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम उठाए।

रागिनी से मुख्यमंत्री की मुलाकात को दिव्यांग बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और उन्हें शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद अब रागिनी के इलाज और पढ़ाई को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

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