गमले में ऐसे उगाएं हरी मिर्च, मिलेगा भरपूर फल

अगर आपको घर की बालकनी या छत पर हरी मिर्च उगाने का शौक है, तो इसके लिए बाजार से महंगे बीज खरीदना जरूरी नहीं है। रसोई में मौजूद सूखी लाल मिर्च से भी बीज निकालकर पौधा तैयार किया जा सकता है। सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल के साथ गमले में मिर्च का पौधा अच्छी तरह विकसित हो सकता है।
सूखी लाल मिर्च से तैयार करें बीज
मिर्च उगाने के लिए सूखी लाल मिर्च के स्वस्थ बीज निकाल लें। बेहतर अंकुरण के लिए बीजों को करीब 2 से 3 घंटे पानी में भिगोया जा सकता है। इसके बाद इन्हें तैयार मिट्टी में बो दें। स्वस्थ और अच्छे बीज चुनने से पौधे के शुरुआती विकास में मदद मिल सकती है।
ऐसी तैयार करें गमले की मिट्टी
मिर्च के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी जरूरी है जिसमें पानी आसानी से निकल सके। रिपोर्ट में 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और 20 प्रतिशत कोकोपीट या रेत मिलाकर पॉटिंग मिक्स तैयार करने का तरीका बताया गया है। मिट्टी में नमी बनी रहे, लेकिन पानी जमा न हो, इसका ध्यान रखना जरूरी है।
आधा इंच गहराई पर बोएं बीज
तैयार मिट्टी को छोटे गमले या सीडलिंग ट्रे में भरकर बीजों को लगभग आधा इंच गहराई में बोया जा सकता है। ऊपर से हल्की मिट्टी डालें और स्प्रे की मदद से पानी दें। शुरुआती दिनों में गमले को ऐसी जगह रखें जहां हल्की धूप मिलती रहे। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 7 से 10 दिनों में अंकुर निकल सकते हैं और कुछ सप्ताह में पौध तैयार हो सकती है।
पौधा बड़ा होने पर करें रिपॉटिंग
जब पौधा करीब 4 से 5 इंच ऊंचा हो जाए, तो उसे बड़े गमले में स्थानांतरित किया जा सकता है। इसके लिए लगभग 10 से 12 इंच का गमला उपयोग करने की सलाह दी गई है। रिपॉटिंग करते समय जड़ों को नुकसान से बचाना जरूरी है। पौधे को नए गमले में लगाने के बाद कुछ समय हल्की छाया में रखने के बाद सामान्य धूप में रखा जा सकता है।
5-6 घंटे धूप और जरूरत के मुताबिक पानी
हरी मिर्च के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए रोजाना करीब 5 से 6 घंटे धूप मिलने की जरूरत बताई गई है। पानी देते समय इस बात का ध्यान रखें कि मिट्टी पूरी तरह सूखने न पाए, लेकिन गमले में जलभराव भी न हो। जरूरत से ज्यादा पानी देने से पौधे की सेहत और फूलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
ज्यादा शाखाओं के लिए प्रूनिंग
पौधे को घना बनाने और अधिक शाखाएं विकसित करने के लिए प्रूनिंग की तकनीक अपनाई जा सकती है। रिपोर्ट में मुख्य शाखा की ऊपरी टिप काटने वाली 3G प्रूनिंग का उल्लेख किया गया है। इससे पौधे में साइड शूट विकसित होने में मदद मिल सकती है, हालांकि परिणाम पौधे की किस्म और बढ़ने की परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।
जैविक खाद और कीटों से बचाव
पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए समय-समय पर जैविक खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है। रिपोर्ट में हर 15 से 20 दिन पर सरसों की खली के लिक्विड फर्टिलाइजर या गोबर की खाद देने का सुझाव दिया गया है। कीटों से बचाव के लिए नीम तेल आधारित स्प्रे का भी उल्लेख है, लेकिन किसी भी घरेलू मिश्रण का इस्तेमाल करने से पहले पौधे के छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर है।
घर में गमले में हरी मिर्च उगाने का यह तरीका कम जगह वाले लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि बीज की गुणवत्ता, मौसम, धूप, मिट्टी और पानी की स्थिति के अनुसार पौधे की ग्रोथ और मिर्च की पैदावार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए नियमित देखभाल के साथ पौधे की स्थिति देखकर पानी और खाद की मात्रा तय करना बेहतर रहेगा।




