BJP का प्लान बदला, अब प्रयागराज का गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे कार्यकर्ता

भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रस्तावित गंगाजल यात्रा में बदलाव किया है। धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए अब काशी के बजाय प्रयागराज और मिर्जापुर से गंगाजल लेकर गुजरात के वडनगर जाने का निर्णय लिया गया है। यह यात्रा 17 सितंबर से शुरू होगी।
भाजपा की योजना के मुताबिक करीब 500 कार्यकर्ता गुजरात के वडनगर तक बाइक यात्रा करेंगे। इसके लिए लगभग 250 बाइक की व्यवस्था की गई है। वडनगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका संसदीय क्षेत्र और कर्मक्षेत्र रहा है। यात्रा का उद्देश्य दोनों स्थानों को धार्मिक और सेवा भाव के कार्यक्रम से जोड़ना बताया गया है।
दरअसल, पहले काशी से गंगाजल लेकर वडनगर में भगवान हाटकेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने की योजना बनाई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पंडितों ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए काशी के गंगाजल से इस तरह जलाभिषेक को उचित नहीं बताया। इसके बाद भाजपा ने प्रयागराज और मिर्जापुर से गंगाजल मंगाने का फैसला किया।
यात्रा उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों से होकर गुजरने की योजना है। रास्ते में हर 25 किलोमीटर पर कार्यकर्ताओं के स्वागत की व्यवस्था होगी, जबकि करीब 100 किलोमीटर के अंतराल पर रात्रि विश्राम और गांवों में चौपाल आयोजित की जाएगी। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से जनसंपर्क कार्यक्रम भी किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम के तहत गुजरात के वडनगर से भी जल लेकर दूसरी टीमें वाराणसी की ओर रवाना होंगी। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों तरफ से कुल दस-दस टोलियां अलग-अलग मार्गों से आगे बढ़ेंगी। यात्रा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र से होते हुए आगे बढ़ेगी और प्रतिदिन कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
हर टोली गांवों में करीब एक घंटे के कार्यक्रम करेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश और गुजरात में एलईडी वाहनों के संचालन की भी योजना बनाई गई है। यात्रा के लिए अलग-अलग राज्यों में प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे, ताकि पूरे कार्यक्रम का समन्वय व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।
भाजपा इस कार्यक्रम को अपने ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ रही है। पार्टी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक महीने तक सेवा आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गंगाजल यात्रा भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा होगी।




